Thứ Sáu, 9 tháng 1, 2015

लोभ ही हमारा नाश करता है

दुनिया में आज पैसे की एक बहुत बड़ी दौड़ चल रही है पैसा कमाने के लिए लोग  किसी भी हद तक आज गिरते चले   रहे है। पर असल में हम खुद भी नहीं जान प् रहे है की हमे लोभ की इस बीमारी ने आज कहा पर  लाकर खड़ा कर दिया है।  दुनिए में पैसे की दोड में नैतिकता खत्म हो चुकी है हाथ ही हाथ की खा रहा है ,,,,क्योकि संतोष रुपी धन हमने विसार दिया है  … बचपन से ही हमारी लोभ की पढ़ाई शुरू हो जाती है और माप बाप हमे पैसे की मशीन बनाने में जुट जाते है। अज्ज हर तरफ पैसे की भाग तो है पर कोई  बताता है की इस दोड में हमारे रिश्ते नाते सब चकना चूर हो कर रह गए  है …लोभि वियक्ति का मन किसी को भी धोखा दे सकता है और धर्म की शिक्षा पूरी तरह से डूब चुकी है। ……इस लिए अज्ज जरुरी है की सब धर्म की और लोटे और संतोष में विलिप्त हो इसी से सच्ची शांति और सुख आना सम्भव होगा ,,,,

क्या करम सिद्धांत सही है

क्या करम सिद्धांत सही है हम बार बार इस बात पर  सोच रहते है की करम सिद्धांत क या सही है पर असल में हमें यह नहीं प ता है की करम असल में कहा किसे  जा  जाता है ,,,,,,पर असल में हमें यह नहीं पता है की दुनिया में जो कुश भी हो रहा  है सब ही तो परमश्ेवर की ईशा से हो रहा है असल में मन की सोच   करम कहा जाता है क्योकि जो  हमारे मन की सोच होती है उसी पर्कार ही हमारे विचार चलते है ,पर बाहर जो  कुश हो रहा है वो सब हमारी ईशा से नहीं अपितु परमेश्वर की ईशा से ही हो रहा है ,दिन और रात हम नहीं करते और और भी बहुत सी चीजे हम नहीं करते है और दोनों ही में काफी अंतर है ,,,,,,,,हम सिर्फ सोच ही सकते है पर उस सोच की तब्दीली हमारे बस में नहीं होती है अगर होती तो सब कुश यहाँ पर हमारी ही ईशा से होता पर ऐसा विल्कुल नहीं है क्योकि संसार में न तो हम कुश ऐसा कर रहे है और न ही हमारे करने से कभी कुश होगा यह सब ही भरम जाल है ,,,,,,पाप और पुण्य में फसे हुए जीव  की तो मुक्ति सम्भव ही नहीं है ,,,,,,,,सब जीवो की ऐसी हालत क्यों है क्यों ज्ञान के लेवल को बढ़ाने  हर एक की हालत अलग अलग है किसी को किसी तरह से परमेश्वर ज्ञान करवा रहा है और किसी को वो किसी तरह से सव उसी के हुकम से हो रहा है। 

Thứ Tư, 7 tháng 1, 2015

बालो को गिरने से बचने के लिए क्या करे

- बालो को गिरने से बचने  के  लिए क्या करे घी खायें और बालों पर घी की मालिश करें।
2- गेहूं के जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं।
3- तुरई या तरोई के टुकड़े करके उसे धूप में सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में नारियल का इतना तेल डालें कि वह डूब जाए। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर बोतल में भर लें। इस तेल की मालिश करें। बाल काले होंगे।
4- नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकना, गिरना दूर हो जाता है। नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले हो जाते हैं।
 5- पीली बर्रे का वह छत्ता जिसकी मक्खियाँ उड़ चुकी हो 25 ग्राम, 10-15 देसी गुड़हल के पत्ते,1/2 लीटर नारियल तेल में मंद मंद आग पर उबालें सिकते-सिकते जब छत्ता काला हो जाये तो तेल को आग से हटा लें। ठंडा हो जाने पर छान कर तेल को शीशी में भर लें। प्रतिदिन सिर पर इसकी हल्के हाथ से मालिश करने से बाल उग जाते हैं और गंजापन दूर होता है।
 6- कुछ दिनों तक, नहाने से पहले प्रतिदिन सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।
  7- नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर सिर पर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।
 8- तिल का तेल भी बालों को काला करने में प्रभावी है।
 9- आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।
 10- नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
 11- चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं। बाल कम गिरेंगे।
 12- बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। इससे बालों और उनकी जड़ों को मज़बूत करने में लाभ होगा।
 13- दस मिनट तक कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और रूसी भी नहीं होगी।
 14- 50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल 1 महीने में ही काफी लंबे हो जायेंगे।
 15- नीम और बेर के पत्तो को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगायें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं।
16- लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं।
 17- सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं।
 18- 10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगायें। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते हैं।
 19- शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों के
सूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबे, मुलायम और चमकदार बन जाते हैं।
20- ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ी, गाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब न मिलें तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून का गिरना भी बन्द हो जाता है। mm

Thứ Năm, 1 tháng 1, 2015

क्या भूत प्रेत होते है

क्या भूत प्रेत होते है असल में हम सभी के  मन में यही भरा हुआ है। बचपन से  भूत प्रेत  कहानी सुनी थी की ऐसे ऐसे भूत प्रेत होते है पर असल में सचाई क्या है इस को हमे जानने  की जरुरत  है की सच क्या है। भूत असल में जो बीत चूका हो उसको कहते है आत्मा के सरीर छोड़ देने के बाद वो भूत काल में चली जाती है क्योकि जो वर्तमान में नहीं  भूतकाल का हिस्सा है। पर क्या वो कोई ऐसी चीज है जिसको लोग जैसे के आज  प्रचार किया  किसी के अंदर कोई भूत घुस गया है इस तरह   नहीं है। पहली बात तो है की जब तक हमारा सरीर से कोई वास्ता नहीं है उस टाइम तक न कुश ज्ञान  प्रपात हो सकता है न  कुश कर पता है क्योकि   इन सब काम को करने के लिए हमे सरीर की आवश्यकता की जरुरत पड़ती है। दूसरी बात है की आत्मा निराकार होने की बजह से अकार पर कोई भी प्रभाव बिना सरीर की मदद से नहीं ले सकती है और जो  कहते है की आत्मा किसी की सरीर  घुस सकती है जे बात बी बिलकुल निराधार है क्योकि बिना गर्भ धारण किये बिना सरीर के साथ आत्मा कोई सम्बन्ध नहीं बना सकती है। अब लोगो को धर्म का ज्ञान ना होने के कारन लोगो को ठगने वालो की  चाँदी है और मानसिक रोगो को भूत प्रेत का नाम देकर लोगो से उनकी खून पसीने की कमाई लूट कर ले जाते है। असल में भूत वर्तमान और भविष्य यह काल समय का नाम है जैसे कल का आज से कोई सम्बन्ध नहीं है इस लिए  आत्मा सरीर को छोड़ अवचेतन अवश्था में होती है और बिना सरीर कुश करने   करने योग्य नहीं

क्या इस ब्रह्माण्ड में हम एक ही है

क्या इस ब्रह्माण्ड में हम एक ही है यह एक ऐसा सवाल है जो न सिर्फ धर्म के मानाने वालो को बल्कि साइंस से जुड़े हर वियक्ति की खोज का विषा  रहा है। पर धर्म आदि काल से ही इस के ऊपर  चूका है की न सिर्फ  ब्रह्माण्ड में और भी कई धरतीया है जिस पर जीव रहते है बल्कि इस जैसे अन्नेक ब्रमांड भी है अब आप अंदाजा लगा कर देखिये की की इस सृष्टि में कहा तक विशाल संसार को फल हुआ पाते है। इसी लिए धर्म की खोज का उदेश माया की खोज नहीं है बल्कि आतम दर्शन  परमात्म  दर्शन है। ब्रमांड में ऐसे भी कई धरतीया है  जिस पर हमसे अलग जीव बस्ते है जिन  का पैदा होने कर तरीका भी हम से भिन है। इस तरह कई देश वहा के हमसे आगे है  देश वह के हमसे भी पीशे है। पर असल में यह ब्रमांड में अनंत सृष्टि है और जीव भी अन्नत है जिस को हम आने वाले भविष्य में जान पाएंगे जब साइंस बहुत उन्ती  कर लेगी तब इस राज़ से भी पर्दा उठ जायेगा वैसे भी आज  साइंस एलियंस की खोज   तो रही है।

सुबह पानी पीने का फाइदा

 सुबह पानी पीने का फाइदा बहुत ही ज्यादा है क्योकि सुबह पानी पानी से एक तो हमारा पेट अछि तरह  साफ हो जाता है और  पेट साफ जिसका है उसका सभी तरह की बीमारियो से बचाव रहता है

१।      सुबह पानी  पीने से हमारा दिमाग  चलता  क्योकि पानी हमारे दिमाग में एसिड का काम करता है और हमारे सरीर में लिक्विड को क खत्म नहीं होने देता
2       पानी से हमारे शरीर में जहरीले पदार्थ बहार निकल जाते है और हमारा शरीर बिलकुल शुद्ध हो जाता है इस वजह से पेट दर्द मीग्रैन पैन और कई तरह के दर्द ठीक हो जाते है।  यह एक रामबाण इलाज़ है और फ्री में भी।
3      आपके चेहरे की सुंदरता भी बढ़ जाती है एक महीने तक सुबह पानी पीने से अप्प देखोगे की चेहरा निखार जाता है और चमकदार हो जाता है
4      जिनका वजन ज्यादा हो वो रत को एक लीटर पानी ताम्बे के लोटे में भर कर रख दे और फिर सुबह नीबू इस में दाल कर गर्म करके पी ले इक महीने तक करने से बजन घट जायेगा और बहुत ही अछा असर शरीर पर भी पड़ेगा इस लिए यह मोटापे का रामबाण इलाज़ है
5    पानी आप के उम्र को भी बढ़ने नहीं देता है और आप को जवान बनाये रखता है ३ महीने लगातर सुबह एक लीटर  पानी पीने से आपकी उम्र जवान लगने लगेगी और आप को हर पर्कार की बीमारी से निजात मिल जाएगी और आपका पेट अछा रहेगा
6     एक साल तक ऐसा करने से आपका सरीर इंद्र देवते जैसा आकर्षक बन जायेगा और हर तरह की बीमारी आपसे दूर भागेगी
इस लिए सुबह पानी पीना एक अमृत के समान  है अप्प प्रयोग करके देखीये

Thứ Tư, 31 tháng 12, 2014

स्वर्ग और नरक क्या है

स्वर्ग और नरक क्या है ,हम हमेशा सोचते रहते है की आखिर सभी धर्मो ने स्वर्ग और नरक  की बात की पर यह स्वर्ग और नरक आखिरकार है क्या असल में ऐसे स्वर्ग  और नरक की कल्पना मात्र की  लोगो ने पर इस शब्दों को धयान से है पड़ा। असल  में स्वर्ग का अर्थ स्वे घर जनि अपना घर होता है आत्मा का घर निज घर कौन है आत्मा अपने ज्ञान सरूप में यहाँ इस्थित रहती है उसको ही स्वर्ग कहा   है। और एक नरक यानि मन का कल्पना और चिंता में रहना ये नरक है।  संसारी जीवो  का नरक और  और दुःख  है ,यहाँ संसार के सुख उनके लिए स्वर्ग है और दुःख उनके लिए नरक है और मर कर कही भी नरक और स्वर्ग सम्भव  ही नहीं है क्योकि सरीर के बिना दुःख और सुख को भोगा नहीं जा सकता है और गर्भ के बिना सरीर में आना सम्भव नहीं है। और सुख और दुःख चेतना को ही महसूस  जबतक वो चेतना सरीर के साथ सबंद बनती है जब  तक चेतना दिमाग में नहीं आती है तब तक कोई भी सुख दुःख महसूस नहीं करती है। क्योकि सरीर के रहते भी  दुःख और सुख से अलग हो जाते है जब हम नींद में सो जाते है। इस लिए सरीर से चेतना दूर होते ही सुन में चली जाती है जिसमे इसको कोई भी नया ज्ञान मिलना सम्भव ही नहीं  है इस लिए जब सरीर की रहते ही हम इस ते टूट कर ज्ञान रहत हो जाते है तो मरने के बाद ज्ञान सरूप कैसे हो सकते है। इसी कारन स्वर्ग  कल्पना मात्र है जो की पुराणो शास्त्रों में और क़ुरान और बाईबल में भी इसका उलेख मिलता है पर यह सब एक  कोरी कल्पना मात्र है जिसका कोई भी हिस्सा सच नहीं है। इस लिए मरने के बाद आत्मा को फिर से नया सरीर धारण करना पड़ता है। क्योकि ज्ञान केवल नया ये सरीर के मादयम से ही ले सकता है जब तक उस चरम सीमा पर नहीं पुहंच जाता जब इसको पूर्ण ज्ञान हो जाये और दुबारा  सरीर धारण करने की कोई आवश्यकता न रहे।